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आर्थिक वर्षे 2019-20 का नया टैक्स स्लैब

https://www.moneyfinderhindi.com/2019/02/2019-20.html

2019 का interim बजट 1 फरवरी को अरुण जेटली जी ने पेश किया उनका ये छठा बजट था.बीजेपी के दृष्टिकोण से देखा जाये तो ये बजट उनके लिए ये बजट बोहोत महत्वपूर्ण था क्यों की इस साल इलेक्शन होने वाले है देखा जाये तो बजट मै ज्यादा बदलाव नहीं देखने को मिले लेकिन जो बदलाव हुए है आज इस आर्टिकल मै उस बारे  मै आपसे चर्चा करूँगा और उदाहरण के कुछ सुझाव देना चाहूंगा तो चलिए टैक्स से पैसे बचाते है

टैक्सेबल इनकम इनकम टैक्स डरे और सेस 
2.5  लाख तक कुछ नहीं 
Rs 2,50,001 से Rs 5,00,0005% of (Rs 2,50,000)( को काटकर) + 4% cess
Rs 5,00,001 से Rs 10,00,000Rs 12,500 + 20% of (Total income minus Rs 5,00,000) + 4% cess
Rs 10,00,001 और उसके ऊपर Rs 1,12,500 + 30% of (Total income minus Rs 10,00,000) + 4% cess



इस बजट मै टैक्स स्लैब मै इतना ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है सिर्फ rebate को बढ़ा दिया गया है Rebate को 12500 तक बढ़ाया गया है अगर आपका taxable 5 लाख तक है तो आपको ये rebate मिलेगा और इसको अंडर सेक्शन 87A के तहत मंजूरी दी गए है लेकिन उसी के साथ जरुरी बाते 2019-20 की टैक्स दरे स्लैब मै कोई बदलाव नहीं किया गया है  इसी के साथ इस बजट मै standard deduction को 10000 से बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है इसके आलावा कुछ और महत्वपूर्ण प्रस्ताव ऐसे है

1) टैक्स फ्री gratuity अब 20 लाख कर दी गए है पिछले साल 10 लाख थी 


अगर आप एक ही कंपनी मै 5 साल से काम कर रहे है तो आपको भी gratuity मिल सकती है और gratuity जो सिर्फ आपके जॉब छोड़ने के वक़्त या फिर रिटायरमेंट के वक़्त मिलती है और अगर आपकी graduity की राशि 20 लाख तक है तो इस्पे आपको कोई टैक्स नहीं लगेगा 2018 की बजट मै इसका लिमिट 10 लाख था जो की अच्छा बदलाव है सैलरी एम्प्लोयी के लिए

2) बैंक डिपाजिट TDS (tax deduction at source)की लिमिट 10000 से 40000 कराई गए 

अगर आपका बैंक अकाउंट मै फिक्स्ड डिपाजिट है तो ये अच्छी खबर  लिए है अगर आपको आपके फिक्स्ड डिपाजिट पर 40000 का व्याज मिलता है तो नये नियमों के अनुसार आपको 10% TDS  कटेगा उससे पहले 10000 के  राशि पर TDS देना पड़ता था अगर आपका income taxable स्लैब से काम है तो आपको इसका फायदा होगा.

3) स्टैण्डर्ड डिडक्शन को 40000 से 50000 किया गया

अगर आप सैलरी पर्सन है तो बड़ी खबर है आपके लिए की इससे पहले सैलरी के standard डिडक्शन पे 40000 तक की राशि taxable थी अब उसको बढाकर 50000 कर दिया गया है

4) अनुमानित किरायों पर टैक्स नहीं देना होगा 


1 अप्रैल 2019 से से अगर आपके पास दो मकान हैं और दोनों ही खुद कैे हैं, तब आपको  अनुमानित किराया पर टैक्स  नहीं देना होगा ध्यान दें अगर आपके पास दो से अधिक मकान हैं, तब आपको तीसरे मकान से अनुमानित किराए पर टैक्स देना होगा एक बार और, अगर मकान किराए पर है  फिर तो किराए पर टैक्स देना ही पड़ेगा


इस साल का इलेक्शन  को मद्देनज़र रखते हुए जो भी निर्णय लिए गए अच्छे है लेकिन इससे ज्यादा की  अपेक्षा थी इसी आपको इस टैक्स स्लैब के कोई सवाल हो तो कमैंट्स बॉक्स मै टाइप करके सेंड कर देना.






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