-->

क्यों डिविडेंड(Dividend) वाले शेयर खरीदने चाहिए ? जानिए हिंदी मे

नमस्कार दोस्तों शेयर मार्किट मे शेयर के सही अनुमान आज तक कोई नहीं लगा सका लेकिन है अगर आप सही तरीके से शेयर का का research करेंगे तो आपको शेयर मार्किट मे suscess मिल सकता है। आज कल के लोग डिविडेंड (लाभांश) वाले शेयर चुनने के बजाये Capital  apprecation के शेयर चुनने मे ज्यादा रूचि रखते है। क्यों की डिविडेंड के बजाये कैपिटल   apprecation  से मिलने वाला नफा ज्यादा होता लेकिन फिर फाई लम्बे समय के लिए डिविडेंड एक अच्छा इनकम का जरिया है और अगर आपने अच्छे कंपनी के शेयर ख़रीदे है तो ये बोहोत कारगर भी है।


डिविडेंड वाले शेयर खरीदने के फायदे 


क्यों डिविडेंड वाले शेयर खरीदने चाहिए ?



  1. डिविडेंड के हेतु शेयर लेने पर आपका फोकस सिर्फ लाभांश लेने पर और आपके ऊपर बाजार के उतर चढाव का इतना ज्यादा असर नहीं पड़ता है। और इससे शेयर धारक को एक reguler इनकम मिलती है हलाकि थोड़ी कम जरूर होती है लेकिन भरोसे लायक होती है। 
  2.    जब आप किसी शेयर के बारे मे बात करते है और उसकी जानकारी चेक करते है तब आपको कंपनी ने दिए हुए डिविडेंड के बारे मे जानकारी मिलती है और साधारण से कंपनी हर साल डिविडेंड देती है इससे आप इस बात से निश्चिन्त रह सकते है। 
  3. अगर आपका उद्देश्य डिविडेंड से कमाई करना है तो इसका मतलब आप उस शेयर को लम्बे समय के लिए रखेंगे इसका मतलब घाटा होने का बोहोत कम अवसर होते है। 
  4. वारेन बफेट जैसे महान निवेशक भी डिविडेंड वाले शेयर पर ज्यादा भरोसा करते थे क्यों की इन शेयर का विकास का जरिया अच्छा होता है। 

डिविडेंड (लाभांश) के जरिये ज्यादा इनकम कैसे पाए ?


डिविडेंड के जरिये इनकम पाने का आसान तरीका है सबसे अच्छे शेयर खरीदकर उन्हें बोहोत लम्बे समय तक (१० साल या उससे ज्यादा ) होल्ड करना इससे जो कंपनी आज १ प्रतिशत डिविडेंड देती है वो १० साल मे १० गुना ज्यादा डिविडेंड देती है। उदाहरण के तौर पर समझते है।

ऐसा समाजः लीजिये की A ने २००९ मे  TCS  कंपनी के शेयर खरीदे शेयर की जानकारी इस प्रकार



  • २००९ मे TCS के शेयर की प्राइस १३२ थी और A ने १० शेयर ख़रीदे 
  •  इसके अनुसार  कुल शेयर की राशि हुई १३२० रुपये 
  • उसके बाद A को २००९ मे TCS के शेयर से १४ रुपए प्रति शेयर डिविडेंड (DIVIDEND ) मिला 
  • इसका मतलब कुल १४० रुपये का डिविडेंड  मिला। 

 ऐसा समज लीजिये  की A ने TCS के शेयर २०१८ तक नहीं  बचे और  इसी दौरान TCS  ने १:१ बोनस शेयर भी दिए थे। 


  • २००९ मे ख़रीदे १४ शेयर A के पास है और फिर उसको १:१ बोनस शेयर के कारन ६ शेयर और मिले और इसके कारन अब उसके शेयर हुए २०। 
  • और २०१८ मे A को ५० रूपये प्रति शेयर डिविडेंड मिला। 
  • इसका मतलब २० शेयर का कुल डिविडेंड हुआ १०० रुपये 
इसका मतलब साफ़ है की अगर आप अच्छे शेयर लम्बे समय तक होल्ड करेंगे तो आपको अच्छा डिविडेंड जरूर मिलेगा। और अगर शेयर घाटे मे भी होगा तब भी आपको डिविडेंड से आप भरपाई कर सकेंगे। 

अच्छे डिविडेंड देने वाले शेयर कोनसे होते है ?


वैसे लगभग सभी कम्पनिया डिविडेंड देती है लेकिन इसका मतलब ये नहीं होता की वो कंपनी अच्छी है। इसके लिए आपको २ बातो का ध्यान रखना चाहिए।


  1. रेगुलर डिविडेंड देनेवाली कंपनी 
  2. डिविडेंड मे हर साल होने वाली बढ़ोतरी 
TCS जैसे बड़े कम्पनिया डिविडेंड देती भी है और हर साल उनमे अच्छा growth देखने को मिलता है। 
लेकिन अच्छी डिविडेंड देनी वाली कंपनी खोजने के लिए आपको कंपनी के financial रिपोर्ट देखने चाहिए क्यों की हर कंपनी ग्रोथ के अनुसार डिविडेंड नहीं है। 


कैसे पता करे अच्छे डिविडेंड देने वाले शेयर्स ?


वैसे देखा जाये तो डिविडेंड क्या होता है आसान भाषा मे डिविडेंड कंपनी के प्रॉफिट का हिस्सा होता है जो शेयर धारक मे बराबर मे बाटा जाता है।  और स्वाभाविक है जो कंपनी ज्यादा प्रॉफिट  कमाएगी वो डिविडेंड भी ज्यादा देगी। आप कोनसी कंपनी ग्रोथ मे आगे है अच्छा डिविडेंड आगे भी दे सकती है इसके बारे मे पता कर सकते है। 

  1. सबसे पहले आप जिस कंपनी का शेयर लेना चाहते है उस कंपनी का प्रॉफिट लोस्स अकाउंट चेक कीजिये। 
  2. उसके बाद आखिरी ५ साल के EPS चेक करना है। 
  3. उसके बाद प्रति शेयर का डिविडेंड कितना है वो भी चेक करना है  ५ साल मे  वो कितना बढ़ा है वो भी चेक करना है। 
  4. सबसे महत्वपूर्ण दोनों EPS और DIVIDEND पिछले ५ साल मे दोनों का फरक निकलना है। और अगर ईपीएस और डिविडेंड दोनों सामान है तो शेयर अच्छा हो सकता है क्यों की EPS बढ़ने का मतलब है कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़ना है। 
  5. डिविडेंड मे बढ़ोतरी का मतलब है कंपनी डिविडेंड देने मे ज्यादा सक्रिय है। 
  6. और दोनों सामान होने से कंपनी अगले कुछ सालो मे डिविडेंड को और भी बढ़ा सकती है। 

डिविडेंड शेयर और फिक्स्ड डिपाजिट क्या है बेहतर इन्वेस्टमेंट विकल्प ?




हलाकि फिक्स्ड डिपॉजिट्स एक चुने हुए समय के लिए बेहतर इनकम देती है लेकिन अगर आप मुझे पूछेंगे तो मे फिर भी डिविडेंड देने वाले शेयर्स यनेकी डिविडेंड को ही ज्यादा पसंद करूँगा। और इसके पीछे २ कारन है 

  1. अच्छे डिविडेंड पेइंग शेयर्स कम समय मे अच्छी इनकम देते है शुरवात का डिविडेंड कम जरूर होता है लेकिन वक़्त के सात उसमे बढ़ोतरी होती है।  
  2. और लम्बे दौर मे शेयर के डिविडेंड मे बढ़ोतरी होती जाती अगर शेयर अच्छा हो तो डिविडेंड और शेयर की कीमत भी ऊपर जाती है। 
  3. इसके आलावा अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट्स की बात करेंगे तो फिक्स्ड डपोस्टिस एक ठराविक ब्याज देता है उसमे बढ़ोतरी नहीं होती है। 
  4. और सबसे मजेदार बात जब आपको फिक्स्ड डिपॉजिट्स मिलता है तब ऊपर टैक्स भी लगता है लेकिन शेयर के ऊपर मिलने वाला डिविडेंड पर कोई टैक्स नहीं होता है। 


क्या ऐसे शेयर है जिन्हे जीवनभर होल्ड किया जा सकता है ?


डिविडेंड  देने वाले शेयर  की कीमत कभी ज्यादा नहीं बढ़ती है। और ज्यादा गिरती भी नहीं है लेकिन जब मार्किट गिरता भी तभी भी इनकी कीमत मे ज्यादा गिरावट नहीं आती है। क्यों की ज्यादा डिविडेंड देने वाले शेयर लोग होल्ड करते है। और अगर स्टॉक डिविडेंड के लिए होल्ड ही करना है वो बेचने का सवाल ही नहीं आता।

Dividend वाले शेयर लेने से पहले किस तरह की प्लानिंग करनी चाहिए ?

Dividend वाले शेयर  लेने से पहले आपको पिछले १० साल का रिकॉर्ड चेक करना होगा और जो कम्पनिया इन सालो मे अच्छे और बढ़ते हुए डिविडेंड देते है उनको सबसे आगे रखना होगा।


लेकिन ये बात भी बोहोत जरुरी है की आपको कोनसे रिकॉर्ड पहले चेक करने चाहिए ?


  1. नेट  प्रॉफिट : कंपनी के हुए प्रोडक्शन को बिकने के बाद कंपनी अपने सरे खर्चे चुकती है और इसके बाद कंपनी को जो नफा होता है  उसे नेट प्रॉफिट कहते है। और इस बात को  देखना जरुरी है। 
  2. नेट प्रॉफिट के बाद दिया गया डिविडेंड :कंपनी को प्रॉफिट होने के बाद कंपनी ने उनके शेयर धारक को कितना डिविडेंड दिया है ये बात देखि जाती है। 
  3. उसके बाद आपको डिविडेंड पेआउट को देखना है इससे आपको कंपनी ने अपनी प्रॉफिट मे से कितना प्रतिशत डिविडेंड दिया है ये समझाता है और अच्छी कंपनी अपने पिछले डिविडेंड का रिकॉर्ड बराबर रखती है। 
  4. आप TCS के शेयर का उदहारण ले सकते है जैसे की TCS पिछले साल ३० प्रतिशत डिविडेंड दिया था इस साल अपने profit मे से ३५  प्रतिशत देने की की संभावना है। 


क्या कोई अन्य मार्ग है डिविडेंड पाने के ?



अगर आप भारत की बात करेंगे तो भारत मे डिविडेंड पाने के २ ही रस्ते है शेयर और म्यूच्यूअल फण्ड शेयर जिससे खुद को डिविडेंड देने  वाले शेयर तलाशने पड़ते है लेकिन ज्यादातर लोग म्यूच्यूअल फण्ड लेने मे समझदारी मानते है। अगर आप दूसरे देशो की बात करेंगे तो दूसरे देश मे जैसे की अमेरिका मे ETF फण्ड जैसे विकल्प शामिल है  जिससे डिविडेंड प्रतप्त किया जा सकता है। 

क्या डिविडेंड एक फायदेमंद विकल्प है ?


अगर सच मे डिविडेंड वाले शेयर एक अच्छा इनकम स्त्रोत है तो क्यों सरे लोग ऐसे शेयर्स नहीं ख़रीदताते जैस की हर एक चीज़ की अच्छी और बुरी बात होती है वैसे ही डिविडेंड वाले शेयर्स मे दूसरी बाजु भी है। और  डिविडेंड वाला विलाप उन लोगो के लिए अच्छा है जो लम्बे समय के लिए निवेश करना चाहते है। ऐसे ही कुछ बातें है जो डिविडेंड के नकारात्मक बाजु मे आते है। 

  1. अगर सोचिये एक कंपनी आपने शेयर धारक को अच्छा ज्यादा बड़ा डिविडेंड  दे रही है लेकिन कंपनी की फंडामेंटल्स अगर अच्छी नहीं है तो कंपनी के शेयर प्राइस पर ख़राब असर होगा और शेयर  निचे जायेगा और इससे अगर आप सोचेंगे की कंपनी अच्छा डिविडेंड दे रही अच्छी कंपनी हे तो इसका परिणाम आपको अगले साल भुगतना पद सकता है। 
  2. सिर्फ १ साल के डिविडेंड पर आप भरोसा नहीं कर सकते सोचिये अगर किसी कंपनी ने पहले साल १० प्रतिशत डिविडेंड नहीं दिया और अगले साल ४ प्रतिशत भी नहीं दे सकी तो इसलिए आप सिर्फ डिविडेंड की प्रतिशत पर भरोसा नहीं कर सकते। 
  3. इसके लिए जब भी आप डिविडेंड वाले शेयर खरीदना चाहे तो शेयर की पूरी बैलेंस शीट और डिटेल जरूर पढ़े इससे आपको कंपनी की पूरी जानकरी मिल सकती है moneycontrol की साइट पर ये बातें  आसानी से मिल जाती है। 

इन साडी चीजों के बावजूद डिविडेंड एक अच्छा और कम धोके वाले विकल्प है। अगर आप प्लानिंग के तहत शेयर डिविडेंड वाले शेयर खरीदेंगे और उनपर अच्छी तरह से रिसर्च करेंगे तो आप डिविडेंड से अच्छी कमाई कर सकती है। जरा सोचिये की अगर आप हर महीने ५००० डिविडेंड से कमा सके तो आप उन पैसो को ही फिर से निवेश कर सकते है और अच्छी wealth बना सकते हो। इसके लिए आपके पास pateince और planning होना बोहोत जरुरी है।

Post Courtsey:www.getmoneyrich.com



कुछ अन्य उपयोगी बातें।

P नोट्स के  बारेमाई पूरी जानकारी। 




























एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ