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क्या LIC मे आपका पैसा डूबेगा जानिए क्यों बेच रही है सरकार LIC का हिस्सा ?

नमस्कार २ दिन पहले ही सरकार ने २०२० २१ का आम बजट पेश किया उसमे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने LIC की हिस्सेदारी आईपीओ के जरिये बेचने का एलान किया है। इसके बाद सब को ऐसा लग रहा ;है की LIC दुब जायेगी। लेकिन मे आपको बताना चाहूंगा LIC जो की सबसे बड़ी इन्शुरन्स कंपनी है और फिलहाल तो तो उसे कुछ नहीं होगा सरकार कुछ प्रमुख उद्देश्य को ध्यान मे रखते हुए LIC की हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया है.





    LIC की हिस्सा बेचने का कारन :


    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने बताया की जब कोई बड़ी कंपनी शेयर मार्किट एक्सचेंज पर लिस्टेड होती है कंपनी की कार्यक्षमता बढ़ जाती है। इसके आलावा कंपनी को फाइनेंसियल बाजार का सहारा मिल जाता है और वैल्यू भी बढ़ जाती है इसके आलावा उनका कहना है की आईपीओ के जरिये हिस्सा बेचने पर निवेशकको को एक अच्छी और बड़ी सरकारी कंपनी मे निवेश का बढ़िया मौका मिलेगा। जिससे उनको फायदा होगा। 


    LIC का कितना हिस्सा IPO द्वारा ऑफर किया जायेगा ?


    भारत सरकार के पास LIC की १०० प्रतिशत हिस्सेदारी है और उसमे से ज्यादा से ज्यादा १० प्रतीशत ही IPO के जरिये बेचा जायेगा। 


    LIC एक्ट आर्टिकल ३७ क्या है ?


    LIC एक्ट  आर्टिकल ३७ जो इन्शुरन्स कारपोरेशन १९५६ मे बनाया गया था उसके अनुसार जो सभी बीमाधारक है उनकी पालिसी की सुरक्षितता पर केंद्र सर्कार पूरी गारंटी देता है। पालिसी की राशि जो की बीमाधारक ने निवेश की है एक जबाबदारी जैसे ही है और उसको समय पर वापिस करना होगा। इसका मतलब इस आर्टिकल के अनुसार आप सब के पालिसी के पैसे पूरी तरह सुरक्षित है। 



    क्या LIC एक्ट को आईपीओ के लिए बदल दिया जाएगा ?


     आईपीओ प्रोसेस शुरू होने के पहले इस पर विचार और रिसर्च किया जायेगा। (मुझे लगता है इसके बारे मे सोच रक्खा होगा ) और उसके बाद LIC के सरंचना मे कुछ बदलाव संभव है लेकिन वित्त मंत्री जी ने भी एक्ट बदलने की जरुरत नहीं है ऐसा कहा है। 


    कब शुरू हो सकता है LIC आईपीओ ?


    LIC आईपीओ अगले बीतता वर्षा के दूसरे हाफ मे होने की संभावना है। 


    LIC आईपीओ से क्या फरक पड़ेगा ?


    इस प्रश्न को पॉइंट्स के द्वारा समझते है। 
    • LIC आईपीओ शेयर बाजार पर लिस्टेड होने पर देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है जिसका मार्किट वलूशन १० लाख करोड़ से ज्यादा हो सकता है। 
    • मोदी सरकार ने २. १ लाख करोड़ की विनिवेश  करने का लक्ष्य रक्खा है। और LIC आईपीओ से इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। 
    • LIC आईपीओ के जरिये करीब ७० हजार करोड़ की बिक्री का अंदेशा है। 
    • इस विनिवेश और आईपीओ द्वारा सरकार विदेशी निवेशकको को आकर्षित करना चाहती है। 

    क्या LIC घाटे मे है ?


    बोहोत सारे लोगो को ऐसा लग रहा है की LIC नुकसान मे है इसके कारन सरकार इसकी हिस्से दरी बेच रही है लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है।
    • इस साल की LIC NPA (नॉन परफार्मिंग एसेट्स ) का प्रत्सोहत ६. १० प्रतिशत है जो की पिछले ५ साल से बोहोत अच्छा है। 
    • LIC भारत की सबसे बड़ी बिमा कंपनी है और लगभग ७६ प्रतिशत का इन्शुरन्स मार्किट को कवर करती है। 
    सौजन्य :LIC 

    • इसके आलावा एक बात आप निश्चित तौर पर नहीं जानते होंगे की पिछले ही साल LIC ने IDBI बैंक का पूरा हिस्सा ख़रीदा है और उसको कण्ट्रोल भी कर रही है। 
    सौजन्य :LIC 

    • LIC की पूरी एसेट वैल्यू ३१ लाख करोड़ के आस पास है। 
    सौजन्य :LIC 


     इन सभी बातो को ध्यान मे रखते हुए मुझे नहीं लगता की LIC जो की अपने आप मे एक सबसे  ब्रांड है। ऐसी कंपनी दुब सकती है। सरकार ने १० प्रतिशत से कम की हिस्सेदारी का आईपीओ ऑफर किया है। जिससे LIC पर ज्यादा फरक नहीं पड़ेगा इससे LIC को फायदा भी हो सकता है। अब क्या होगा ये LIC IPO आने के बाद ही पता लगेगा। 

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