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कोरोना महामारी और लॉक डाउन से भारत मे अटके NRI के लिए राहत की खबर टैक्स नियमो की ढील

Last Updated :04:51 PM 

मुंबई :कोरोना महामारी और उसके बाद बढ़ रहे लॉक डाउन को देखते हुए सरकार सभी क्षेत्रो मे राहत देने की कोशिश की है इस बार NRI के लिए भी देश मे फेज रहने के कारन टैक्स मे ढील करने का एलान किया है। केंद्र सरकार ने साफ़ किया है की भारत मे आये NRI इस हालत मे देश से बहार नहीं जा सकते है इसके कारन ये सब ज्यादा समय के लिए अटके पड़े है ऐसे समय सामान्य नियमो के अनुसार जितने समय भारत मे उतने समय का टैक्स रिटर्न भरना [पड़ता है। सरकार इस नियमो मे रहत देते हुए कहा की ऐसे लोगो को लॉक डाउन का समय उनके  आवासीय स्तिथि निर्धारण मे नहीं गिना जायेगा उनको इस समय मे टैक्स मे छूट मिलेगी। 

CBIDT ने इस  बारे मे एक पत्रक मे कहा की देश मे लॉक डाउन लम्बे समय तक रहता है तो NRI 1961 इनकम टैक्स के सेक्शन 6 के तहत निवासी बनाया जा सकता है। हलाकि यह सिर्फ एक संभावना है अभी इसे लागु करने का विचार नहीं किया गया है। 

इस बारे मे  वित्त मंत्री जी अपने ट्विटर हैंडल के जरिये  इस बात की जानकारी दी :

  • वितता मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने इस बारे मे अधिकृत जानकारी दी। 
  • जो NRI 31 मार्च या उससे पहले भारत से बाहर गए है उनको 22 मार्च से लेकर 31 मार्च 2020 तक के भारत मे रहने के समय को टैक्स रिटर्न मे नहीं लिया जायेगा। 
  • कुछ ऐसे लोग है जिन्हे 1 मार्च 2020 के बाद ही कोरोना के कारन भारत मे क्वारंटाइन और 31 मार्च तक देश के बहार जाने मे सफल रहे है ऐसे लोगो का क्वारंटाइन  समय से लेकर 31 मार्च तक समय टैक्स रिटर्न मे नहीं लिया जायेगा। 
  • और आखिरी मे जो लोग अभी भी फेज हुए है उनको क्वारंटाइन के समय से जब तक लॉक डाउन ख़तम नहीं होता टैक्स रिटर्न मे छूट मिलेगी। 

ये है असली नियम :

  • जब कोई NRI भारत मे आता है तो उसे टैक्स भरने के लिए मूल भारतीय नागरिक नहीं माना जाता। 
  • और देश मे 120 दिन से ज्यादा समय रह रहे हो ऐसे लोगो को NRI के नियमो  मुताबिक टैक्स देना पड़ता है। 

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