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तो क्या अब 6 महीने के EMI मोरटोरिम पर नहीं देना होगा ब्याज सुप्रीम कोर्ट ने RBI को भेजा नोटिस

Last Updated :08:21 PM 

मुंबई पीटीआई :लॉक डाउन मे दिए गए EMI के खिलाफ याचिका दायर की गयी है  जिसके बाद मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने RBI रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया को नोटिस जारी किया है। आपको बता दे की RBI ने लोन EMI मोरोटोरियम छूट को 31 अगस्त 2020 तक बढ़ाने के एलान किया था। इससे पैहले 27 मार्च 2020 को RBI ने मार्च से मई तक 3 महीने सभी तरह के टर्म लोन EMI मोरटोरियम लहू किया था इसके मुताबिक आपको 3 महीने तक कोई EMI नहीं देना था.


6 महीने EMI टालने पर देना होगा उसका ब्याज :

  • 6 महीने EMI नहीं भरना पर आप डिफ़ॉल्ट श्रेणी मे नहीं आएंगे और आपके क्रडिट स्कोर पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। 
  • लेकिन इन 6 महीनो का ब्याज आपको अतरिक्त भरना पड़ेगा जो की बैंक आपसे अगले EMI मे ऐड करके वसूलेगी। 

सुप्रीम कोर्ट मे दायर की गयी थी याचिका :

  • सुर्पीम कोर्ट मे RBI के इस फैसले के खिलाग याचिका दायर की गयी थी जिसमे याचिका कर्ता ने कहा कि अब RBI ने EMI मोरोटोरियम को 6 महीने के लिए बढ़ाया है लेकिन कर्जधारकको से इस समय से ब्याज वसूलकर सजा नहीं देनी चाहिए 6 महीने के मोरोटोरिम पर ब्याज नहीं जोड़ना चाहिए। 
  • इस मामले मे RBI ने कुछ समय माँगा है जिससे वो काउंटर एफिडेविट फाइल करेंगे इसके बाद अब RBI को 1 महीने का समय दिया गया है। और अगली सुनवाई अगले हफ्ते होने की जानकारी दी। 
  • इससे पहले आज जस्टिस अशोक भूषण जी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मामले की सुनवाई की और केंद्र सरकार और RBI को नोटिस जारी किया है और 1 हफ्ते मे जवाब देने को कहा गया है। 

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