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1962 मे हुआ था चीन से युद्ध इससे भारत के शेयर बाजार मे बड़ी गिरावट आयी थी बुरा असर पडा था उस समय

Last Updated :08:34 AM 

मुंबई :जिस दिन भारत चीन के लदाख सिमा तनाव की खबरे आयी थी उसी दिन भारतीय शेयर बाजार पर इसका असर दिखाई दिया था उस दिन गिरावट मे बंद हुआ था शेयर बाजार। ऐस मे अगर युद्ध होता है तो क्या बाजार मे बड़ी गिरावट आ सकती है इसी सवाल का जवाब पाने के लिए हमने 1962 के भारत चीन युद्ध के समय भारतीय शेयर बाजार की समीक्षा की। उस समय भारतीय शेयर बाजार मे 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी थी।  इस समय कोरोना महामारी के कारन मार्च और अप्रैल के महीने मे बाजार मे बोहोत उतार चढाव देखने को मिला था और देश की अर्थव्यवस्था को काबू करने के लिए आर्थिक पैकेज से देना पड़ा था। 

ठीक 1962 मे भी युद्ध के कारन ऐसेही हालात बने थे उस समय वित्तीय सस्थानो के लिए पैसे की जरुरत पूरी करने के लिए सरकार ने पैकेज दिया था। वही विदेशी मुद्रा भंडार को भी नियंत्रित किया जा रहा था। इसी के कारन सोने की कीमतों सबसे बड़ी गिरावट आयी थी। हलाकि उस समय के भारत अब इस भारत मे जरूर बोहोत कुछ बदला है। 

1962 के युद्ध से शेयर बाजार 16 फीसदी गिरा था :

  • पुराणी जानकारी के अनुसार 1962 और 63 के आर्थिक साल मे शेयर बाजार मे 16 फीसदी की कुल गिरावट दर्ज की थी। 
  • जब की इससे पहले 1958 मे बाजार मे तेजी थी लेकिन युद्ध के आसार बनाने के बाद बाजार मे गिरावट शुरू हुई 
  • उस समय इस गिरावट की बजह सिर्फ चीन से युद्ध ही था। 
  • जानकारी के मुताबिउक उस समय शेयर कुछ समय के लिए अस्थाई रूप से बंद किये गए था। 
  • 1962 को फोरेअर्ड ट्रेडिंग रोकने का भी आदेश दिया गया था। 
  • इसके बाद 1963 मे इस सेवा को फिर से शुरू किया गया। 

विदेशी भंडार को बचाने के लिए सोने कारोबार पर लगा था प्रतिबन्ध :

  • उस समय के रिपोर्ट के मुताबिक देश क विदेशी मुद्रा भंडार के लिए सरकार जरुरी कदम उठा रही थी। 
  • इसी के चलते 1962 मे सोने के वायदा कारोबार पर प्रतिबंध लगाया गया था। 
  • इसके कारन सोने की कीमतों मे 30 फीसदी तक की गिरावट देखि गयी थी। 
  • उस समय भी भारत सरकार ने सोने के बॉन्ड की पेशकश की थी। 

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