-->

सामाजिक सेवा के क्षेत्र में Deutsche Bank और स्वदेस फाउंडेशन की सीएसआर साझेदारी ने सफलतापूर्वक पूरे किए चार साल, इस सीएसआर साझेदारी ने करीब 43,450 लोगों के जीवन को नया आयाम दिया

Last Updated :09:27 PM 

मुंबई::सामाजिक सेवा की दुनिया में अग्रणी साझीदार डॉएच्च बैंक और स्वदेस फाउंडेशन ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में 40,000 फलदार पेड़ लगाने की घोषणा आज की हैजिससे वहां रहने वाले 4,000 से अधिक लोग लाभांवित होगें.

डॉएच्च बैंक आज से 40 साल पहले मुंबई में अपनी पहली शाखा खोली थीपिछले चार साल से स्वदेस फांउडेशन के साथ मिलकर सामाजिक सेवा से महाराष्ट्र के रायगढ़ जिला में आदिवासी और यहां के निवासियों के जीवन को बदलने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.यह फलदार पेड़ करीब 3 से 4 साल में फल देने लगेगेंजिससे वहां रहने वाले लोगों को प्रत्येक साल करीब 6 करोड़ की आमदनी होने की उम्मीद है.इस बारे में डॉएच्च बैंक (इंडियाके चीफ कंट्री ऑफिसर कौशिक शपारिया ने कहा "छोटे पैमाने पर कृषि का समर्थन ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैक्योंकि इससे सीधे तौर पर इन क्षेत्रों के लोगों को भूमि और श्रम लाभ में मदद होता हैहमें पूरा विश्वास है कि स्वदेस फाउंडेशन के साथ हमारी साझेदारी रायगढ़ जिले में लोगों के जीवन को सार्थक रूप से बदल देगी

डॉएच्च बैंक का भारत में ग्रामीण उत्थान के लिए अथक प्रयास उल्लेखनीय है और हम भारत को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने और जीवन बदलने के लिए साझा दृष्टिकोण का हिस्सा बनकर काफी खुश हैं
                               
स्वदेस फाउंडेशन के संस्थापक रोनी स्क्रूवाला ने इस मौके पर कहा  “डॉएच्च बैंक का भारत में ग्रामीण उत्थान के लिए किए गए अथक प्रयास उल्लेखनीय हैं और हम भारत को जमीनी स्तर पर बदलने और सशक्त बनाने के लिए साझा दृष्टिकोण का हिस्सा बनकर काफी खुश हैं.  डॉएच्च बैंक पिछले चार वर्षों में ग्रामीण जीवन के परिवर्तन में हमारे सबसे बड़े सहयोगियों में से एक रहा है और हम एक साथ कई और अधिक सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर बेहतर कार्य करेंगेजो आने वाले समय के लिए मील का पत्थर साबित होंगे
.डॉएच्च बैंक और स्वदेश फाउंडेशन की सामाजिक सेवा क्षेत्र की साझेदारी ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के करीब 43,500 लोगों के जीवन को एक नया आयाम दिया हैइस पुनित कार्य को संपादित करने के लिए अप्रैल 2018 से अभी तक बैंक के कर्मचारियों ने 2,500 घंटे से अधिक समय की जनसेवा की है.

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां