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क्या होती है अल्गो ट्रेडिंग ? कैसे काम करती है ? जाने इसके फायदे और नुकसान पूरी जानकारी हिंदी मे

अल्गो ट्रेडिंग एक ट्रेडिंग प्रकार है जिससे शेयर बाजार मे ट्रेडिंग की जाती है। हलाकि साधारण ट्रेडिंग के मुकाबले इस ट्रेडिंग प्रकार मे काफी अंतर है अल्गो ट्रेडिंग कंप्यूटर प्रोग्राम के जरिये की जाती है की बाजार के हालत के अनुसार खदु निर्णय लेता है और ट्रेडिंग करता है। अल्गो ट्रेडिंग मे कंप्यूटर प्रोग्राम को जरुरी मार्किट डाटा अपलोड किया जाता है और उसके बाद उस डाटा के आधार पर कंप्यूटर प्रोग्राम ट्रेडिंग के लिए शेयर चुनता है और बेचने की सलाह भी देता है। इस तरह के ट्रेडिंग मे लोस्स होने की सम्भवना काफी कम हो जाती है हलाकि भारत मे यह विकल्प इतना ज्यादा लोकप्रिय नहीं है। सिर्फ बड़े पैमाने पर ट्रेड करने वाले निवेशक ट्रेडर ही इस तरह के तकनीक का इस्तेमाल करते है।




    क्या है अल्गो ट्रेडिंग :(What Is Algo Trading )

    • अल्गो ट्रेडिंग मतलब अल्गोरिथम तकनीक से की गयी ट्रेडिंग है। 
    • इसमे एक कंप्यूटर प्रोग्राम बनाया जाता है जिसमे शेयर बाजार का तकनिकी डाटा और विश्लेषण को फिट किया जाता है। 
    • डाटा फिक्स करने के बाद कंप्यूटर प्रोग्राम मार्किट के रुख के अनुसार शेयर के तकनिकी तौर पर विश्लेषण करता है और संभावित प्रॉफिट या लोस्स की जानकारी इसके लिए जटिल कैलकुलेशन किये जाते है जो की साधारण आदमी के लिए करना काफी मुशिक और समय लेने वाला होता है। 
    • अल्गो ट्रेडिंग मे कोड के जरिये  कुछ नियम सेट किये जाते है जिसके आधार पर तुरंत निर्णय लेना आसान हो जाता है। 

    भारत मे अलगो ट्रेडिंग सेवा देने वाे स्टॉक ब्रोकर :(Top Algo Trading Platform Providers in India)

    • 5 पैसा स्टॉक ब्रोकर 
    • निर्मल बंग सिक्योरिटीज 
    • रिलायंस सिक्योरिटीज 
    • अरिहंत कैपिटल ब्रोकर 
    • मास्टर ट्रस्ट सिक्योरिटीज 
    • SMC ग्लोबल 
    • फॉक्स ट्रेडर 
    • ज़ेरोढा ट्रेडिंग प्लेटफार्म 

    अल्गो ट्रेडिंग की विशेष बातें :)Features Of Algo Trading)

    • अल्गो ट्रेडिंग की मदत से आप अलग अलग तरह के शेयर मार्किट रणनीति को बना सकते है जिससे आप इक्विटी ,फोरेक्स ,कमोडिटी जैसे सेगमेंट मे इस्तेमाल कर सकते है। 
    • अल्गो ट्रेडिंग तकनीक मे कंप्यूटर प्रोग्राम खुद ही आपके निवेश के बारे मे निर्णय लेता है इस तरीके से प्रेशर मे निर्णय से गलती होने की गुंजाईश नहीं होती है। 
    • अल्गो ट्रेडिंग के कंप्यूटर इंटरफ़ेस को आप आपके जरुरत के अनुसार ढाल सकते है जिसमे बाजार का विश्लेषण ,और रिपोर्ट जांचना आसान हो जाता है। 
    • एक ही कंप्यूटर प्रोग्राम के जरिये आप अलग अलग इंस्ट्रूमेंट्स इंडिकेट को देख सकते है और रणनीति बना सकते है। 
    • अल्गो ट्रेडिंग सुविधा लेने के लिए आपको सिर्फ ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर की मदत लेनी पड़ती है भारत मे बड़े बड़े ब्रोकर अल्गो ट्रेडिंग की सुविधा जरुरत के अनुसार देते है। 
    • अल्गो ट्रेडिंग किसी भी आदमी के भाव के आगे जाकर निर्णय लेती है इससे सक्षम निर्णय लेने मे मदत होती है। 
    • अल्गो ट्रेडिंग पूरी तरह से ऑटोमेटेड होने के कारन ट्रेडिंग करने के मौका चुकने का सवाल ही नहीं होता है। 
    • इस तकनीक के सहायता से आप एक ही समय मे अलग अलग सेगमेंट और अलग अलग पोजीशन के ट्रेड को आसानी से हैंडल कर सकते है। 

    क्या आपको अल्गो ट्रेडिंग करनी चाहिए :(You Should Start Algo Trading Or Not)

    • अल्गो ट्रेडिंग अगले समय मे ट्रेडिंग का भविष्य कहा जाता है बदलते समय के साथ इस तकनीक और अच्छा बनाया जा सकेगा। 
    • आपके पास अल्गो ट्रेडिंग करने के लिए निवेश के हिसाब से ज्यादा पैसे होना जरुरी है जो आप निवेश कर सकते है। 
    • लेकिन फिलहाल इस समय इस तरह के ट्रेडिंग तकनीक मे कुछ खामी रह जाती है या फिर कैलकुलेशन गलती हो जाती है तो इससे बड़ा नुकसान भी हो सकता है। 
    • अगर आप शेयर बाजार मे नए है तो इस तकनीक के जरिये ट्रेड करना गलत साबित होगा क्यों की इस तरह की ट्रेडिंग तकनीक काफी मुशिकल होती है इसमे अलग अलग रणनीति अपनानी पड़ती है। 
    • अल्गो ट्रेडिंग पूरी तरह ऑटोमेटेड जरूर है लेकिन इसे आपको रोजाना ध्यान रखना जरुरी है जिससे तकनिकी खामी का पता चल सके। 
    • अल्गो ट्रेडिंग आने वाले समय के बाजार का भविष्य कहा गया है मतलब इसे आगे चलकर सीखना जरुरी हो सकता है इसके लिए आप ट्रेनिंग और उस विषय के बुक्स पढ़कर तकनकी ज्ञान हासिल कर सकते है। 
    • और कुछ अनुभव के साथ आप अल्गो ट्रेडिंग शुरू कर सकते है। 

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