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आयसीआयसीआय लोम्बार्डद्वारा पुणे के आईआईएसईआर (IISER) को कोवीड-19 टेस्टींग मशीन खरीदने के लिये फंड दिये


पुणे, 19 अगस्त, 2020: कोविड -19 महामारी का संक्रमण पूरे देश में फैल रहा है। वायरस के प्रसार को रोकने के लिए समय पर परीक्षण करना एक प्रभावी तरीका रह चुका है ताकि संक्रमित रोगियों को बीमारी के प्रारंभिक अवस्था में ही पहचाना जा सकेजिससे उनका उपचार संभव हैं। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह हैकि शुरुआती अवस्था में बीमारी का पता लगे तो वो इन व्यक्तियों को अनजाने में दूसरों की ओर संक्रमित करने से रोकने में मदद कर सकती है।


आईआईएसईआर (भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान), पुणे (IISER) वैज्ञानिक अनुसंधान के मामले में सबसे आगे रहा हैजिसे संसद के अधिनियम द्वारा पूरे देश के लिए प्रतिष्ठा का संस्थान घोषित किया गया है। वर्तमान परिदृश्य को देखते हुएआईआईएसईआर ( भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानने कोविड-19 की जाँच करने के लिए 21 मई, 2020 को अपने पुणे कैम्पस के भीतर एक परीक्षण केंद्र स्थापित किया। 15 अगस्त, 2020 तकइसने पुणे और आसपास के अस्पतालों से आए करीब 15,000 नमूने का परीक्षण किया था।

हालाँकिजैसे महामारी का फैलाव जारी रहाआईआईएसईआर (भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानके लिए मौजूदा बुनियादी ढांचा परीक्षण की मांग को पूरा करने के लिए अपर्याप्त हो गया। इसकी मौजूदा मशीनों का उत्पादन सीमित थाजिससे प्रतिदिन केवल 300 परीक्षण किए जा सकते थे। समस्या को सम्बोधित करने के लिएसंस्थान को आधुनिक RT-PCR (रिवर्स ट्रांसक्रिपटेस पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शनमशीनों की आवश्यकता थी। इसमें एक चुनौती थी कि ये मशीनें महंगी थींजिससे फंडिंग अनिवार्य बन गई थी।

भारत की प्रमुख नॉन-लाइफ इंश्योरेंस जीवन बीमा कंपनियों में से एक आईसीआईसीआई लोम्बार्ड आईआईएसईआर (भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान), पुणे के लिए RT-PCR मशीनों की प्रबंध के लिए आगे बढ़ी है। इसने इस उपक्रम के रूप में 20 लाख रुपए का सहयोग दिया है। नए उपकरणों के साथ आईआईएसईआर (भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानकी परीक्षण क्षमता प्रति दिन 1,000 परीक्षणों तक बढ़ जाएगी। आईआईएसईआर (भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान)-कोविड-19 परीक्षण केंद्र में RT-PCR मशीनों के लिए आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने उचित समय पर  वित्तीय सहायता दी है और कोविड-19 से लड़ने के लिए यह एक महत्वपूर्ण योगदान है।

प्रो संजीव गलांडेडीन (R & D), आईआईएसईआर (भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानपुणे ने इस समर्थन का स्वागत किया और कहा, “हमारे कोविड-19 परीक्षण केंद्र में प्रवाह क्षमता को बढ़ाने और टर्नअराउंड समय को कम करने में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड द्वारा सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हमआईआईएसईआर (भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानपुणे के सभी कर्मचारीकोविड -19 महामारी के खिलाफ देश की लड़ाई के प्रयास में अपना सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह दो तरह से किया जा रहा हैपहलापरीक्षण सेवाएं प्रदान करके और दूसराकोविड -19 सम्बन्धी विशिष्ट अनुसंधान परियोजनाओं की दिशा में हमारी विशेषज्ञता का उपयोग करके। ”

आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ भार्गव दासगुप्ता ने कहा, “आईसीआईसीआई लोम्बार्ड मेंहमने हमेशा समुदाय की भलाई में सहयोग देने में सक्रिय भूमिका निभाई है। हमारे सीएसआर अजेंडे के मुताबिक़कोविड -19 के संक्रमण को कम करने की दिशा में हम विभिन्न उपक्रम हाथ में ले रहे हैं। जब हमें आईआईएसईआर (भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान), पुणे द्वारा आरटी-पीसीआर मशीनों की प्रबंध की आवश्यकता के बारे में पता चलातो हमने समय पर परीक्षण करने और इस तरह महामारी पर अंकुश लगाने के लिए उपकरणों की महत्वपूर्णता को देखते हुए आगे आना जरूरी समझा। परीक्षण का उपकरण कोविड -19 सहित कई विषाणुओं का पता लगा सकता हैऔर उनकी बहुविज्ञता को बढ़ाता है  इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग का हमें अवसर देने के लिए हम आईआईएसईआर (भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानके शुक्रगुजार हैं। ”

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