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मोरोटोरिएम पर ब्याज माफी का मामला सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया 1 हफ्ते का और समय

 केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी से लोगो को राहत देने के लिए मार्च से लेकर अगस्त 2020 तक के 6 महीने लोन किश्त को स्थगित करने का एलान किया था लेकिन इस दौरान जारी रहने वाले ब्याज के मामले मैं सुप्रीम कोर्ट मैं याचिका दायर की गयी थी इस मामले पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने लोन मोरोटोरिएम पर ब्याज माफी के विषय सरकार की तरफ से कोई हलचल नही करने की  जानकारी ली और सरकार को और 1 हफ्ते समय दिया गया है इस 1 हफ्ते मैं सरकार को अपना रुख साफ करना होगा 



सरकार ने मांगा 1 हफ्ते का और समय :

  • सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाले पीठ ने कहा की केंद्र को दिए समय के बावजूद भी इसपर अभी तक कोई रुख नही दिया गया है 
  • उन्होंने आगे कहा की आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सरकार के पास अतरिक्त अधिकार थे लेकिन सरकार ने इसे सिर्फ RBI के ऊपर छोड़ दिया 
  • इसके बाद सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सरकार का रुख साफ करने के लिए 1 हफ्ते का समय मंगा जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने अनुमति दी 

इस मामले पर फैसला होने के समय तक कर्ज स्थागिति के समय को बढ़ाने की हो रही है मांग :

  • इसी समय मामले के याचिकर्ता के वरिष्ठ अधिकवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा की लोन EMI मोरोटोइरेम की अवधि 31 अगस्त को समाप्त हो रही है जिसे इस मामले का फैसला आने तक और बढ़ाना चाहिए 
  • इस मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर 2020 को होनेवाली है 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा ब्याज पर ब्याज वसूलना गलत :

  • सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के पहले सुनवाई मैं कहा था कि अगर सरकार ने एक बार स्थगन का लाभ  दिया है तो उसे पूरा करना चाहिए 
  • उस समय कोर्ट ने आगे कहा था की इस स्थगन का लाभ पूरी तरह से लोन धाराक को मिलना चाहिए इसमे ब्याज पर ब्याज वसूलना पूरी तरह गलत है 
  • एक तरफ से अगर स्थगन से लोगो को राहत देना है तो दूसरी तरफ से दोगुना ब्याज लेने से राहत नही मिल सकती 

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