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सभी बिमा धरकको के लिए बड़ी खबर 1 अक्टूबर 2020 से बदल जायेंगे इन्शुरन्स से जुड़े ये बड़े नियम

मुंबई:IRDA इन्शुरन्स रेगुलेटरी एंड डेवलप्मेंट अथॉरिटी ने इसी महीने इन्शुरन्स से जुड़े नए गाइड लाइन्स को जारी किया है IRDA ने की तरफ से जारी किये गए नियम 1 अक्टूबर 2020 से देशभर मे लागू होने जा रहे है। हलाकि इन नियमो से सबसे ज्यादा फायदा बिमा धारकको होने वाला है। IRDA ने सभी बदलने वाले नियमो की जानकारी अपने प्रेस नोट मे विस्तार से दी है आइए जानते है कौन से नियमो मे होने वाला है बदलाव और इससे आपको कैसे होगा लाभ। 


    1 अक्टूबर 2020 से इन्शुरन्स से जुड़े बदलने वाले नियम :

    1. 8 साल पुरे होने के बाद क्लेम रिजेक्ट नहीं होगा :

    • IRDAI के गाइड लाइन के मुताबिक अब पालिसी को 8 साल पुरे होने के बाद किसी भी हेल्थ इन्शुरन्स पालिसी का क्लेम रिजेक्ट नहीं किया जा सकता। 
    • हलाकि अगर पालिसी कॉन्ट्रैक्ट का नियम और फ्रॉड के समय ही सिर्फ पालिसी क्लेम को रिजेक्ट किया जा सकता है। 

    2 प्रपोशनेट डिडक्शन पर नया नियम :

    • IRDAI ने जारी किये नए नियमो के मुताबिक हेल्थ बिमा पर बिमा कंपनी प्रपोशनेट डिडक्शन के लिए खर्चा रिकवर नहीं कर सकती। 
    • 1 अक्टूबर 2020 से बिमा कंपनियों को इम्प्लांट्स ,मेडिकल डिवाइस ,कंसुमेबल जैसे मेडिकल खर्चो को कवर नहीं कर सकती। 

    3. किश्तों मे किया जा सकता है प्रीमियम का भुगतान :

    • IRDAI ने जारी किये नए नियमो के मुताबिक अब आपके कुल सालाना प्रीमियम की राशि को आप हर महीने के किश्त मे भी भर सकते है। 
    • सोच लीजिये की आपके बिमा पालिसी का प्रीमियम 24 हजार सालाना है तो आप इसे 2 हजार महीना के किश्त मे भर सकते है। 

    4 . ये नयी बीमारिया होगी कवर :

    • IRDAI ने कवर नहीं होने वाले बीमारिओयो के बारे मे नया नियम जारी किया है। 
    • इस नए नियम के मुताबिक किसी भी पालिसी मे कवर नहीं होने वाले बीमारियों का इलाज के लिए एक रेगुलर हेल्थ इन्शुरन्स पालिसी लायी जाएगी जिसमे ऐसे बिमारिओ का कवर  मिलेगा। 
    • आपको बता दे की उम्र से जुडी मानसिक बीमारिया ,जेनेटिक बीमारिया ,मोतियबंद की सर्जरी ,त्वचा से जुडी बीमारिया इसपर इस नए पालिसी मे कवर दिया जा सकेंगे। 

    5 .30 दिन के अंदर क्लेम सेटल या रिजेक्ट करना अनिवार्य :

    • इस नए नियम के मुताबिक किसी भी बिमा कंपनी को क्लेम फाइल होने के दिन से 30 दिन के अंदर क्लेम सेटल या फिर रिजेक्ट करना अनिवार्य है। 
    • अगर क्लेम भुगतान मे 30 से ज्यादा समय हो जाता है तो बिमा कंपनी को क्लेम की रसीद की तारीख से 2 फीसद ब्याज देना पड़ेगा। 
    • अगर बिमा कंपनी को क्लेम सेटल करने के पहले जाँच करनी है तो उसे 30 दिन के अंदर ही पूरा करना होगा। 

    6. टेलीमेडिसिन पर भी मिलेगा कवर :

    • IRDAI ने अपने दिशा निर्देश मे सभी बिमा कंपनी को इस बात की जानकारी दी है की टेलीमेडिसिन को कवर बिमा कवर मे शामिल किया जाए। 
    • इस तरह से पंजीकृत डॉक्टर टेलीमेडिसिन के इस्तेमाल के जरिये हेल्थ सुविधा को दे सकेंगे और उसपर कवर भी मिल सकेगा। 

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