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मिरे एसेट फाउंडेशन ने दान में दिए कोविड-19 टेस्टिंग उपकरण टेस्टिंग दान में दी अत्याधुनिक मशीनें

 मुंबई, महाराष्‍ट्र, 13 नवंबर: मिरे एसेट फाउंडेशन (एमएएफ) ने मुंबई और थाणे के दो प्रमुख चिकित्‍सा संस्‍थानों की कोविड-19 टेस्टिंग क्षमता में वृद्धि  की है। एमएएफ ने इन संस्‍थानों को कोविड-19 महामारी से लड़ाई में मदद के लिए हाफकिन इंस्‍टीट्यूट को एक आरएनए एक्‍सट्रैक्‍शन, एक आरटी पीसीआर मशीन और एक लैबोरेटरी फ्रीजर एवं राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज एंड छत्रपति शिवाजी महाराज हॉस्पिटल, कलवा को एक आरएनए एक्‍सट्रैक्‍शन मशीन दान में दी है। इन मशीन की कुल कीमत लगभग 60 लाख रुपए है। टेस्टिंग प्रक्रिया की सुगमता को सुनिश्चित करने के लिए 2400 वायरल एक्‍सट्रैक्‍शन टेस्‍ट किट्स भी उपलब्‍ध कराई गई हैं।  



120 साल पुराना हाफकिन इंस्‍टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड ट्रेनिंग http://haffkineinstitute.org/ और सीएसटीएम हॉस्पिटल https://csmh.thanecity.gov.in/ व राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज, कलवा https://rgmc.thanecity.gov.in/ पालघर, मीरा-भयंदर, वसई-विरार, रोहा और एनएमएमसी रीजन, थाणे, दिवा, मुम्‍ब्रा, खारगर और थाणे शहरी के आसपास के इलाकों के लोगों की स्‍वास्‍थ्‍य जरूरतों को पूरा करते हैं। ये कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां कोविड-19 के मामलों की संख्‍या बहुत अधिक है।

फुली-ऑटोमेटेड मशीनें लैब कर्मचारियों के लिए सेकेंडरी इंफेक्‍शन के खतरे को कम करती हैं और दैनिक आधार पर अधिक संख्‍या में टेस्‍ट परिणाम देने में मदद करती हैं। इस मशीन की टेस्टिंग क्षमता प्रत्‍येक संस्‍थान में प्रति दिन 8 घंटे की शिफ्ट में 144 टेस्‍ट करने की है। इससे परिणाम मिलने की रफ्तार भी बहुत तेज है।

वर्तमान में, हाफकिन में इन मशीनों से दैनिक टेस्टिंग संख्‍या में 50 प्रतिशत इजाफा हुआ है। 200 टेस्‍ट प्रतिदिन के बजाये अब यहां संसाधनों के इष्‍टम उपयोग से 300 टेस्‍ट किए जा रहे हैं। वहीं कलवा में पहले मैनुअली 192 टेस्‍ट हो रहे थे और अब इस नई टेक्‍नोलॉजी से यहां प्रतिदिन 336 टेस्‍ट हो पा रहे हैं। 

मिरे एसेट फाउंडेशन मुंबई स्थित एक गैर-लाभकारी सामाजिक संगठन है, जो सेक्‍शन 8 कंपनी के तौर पर 2018 में पंजीकृत हुआ है। यह मिरे एसेट फाइनेंशियल ग्रुप के सीएसआर गतिविधि का एक हिस्‍सा है। यह मुख्‍यरूप से भारत में शैक्षणिक विकास के विभिन्‍न क्षेत्रों में कार्य करता है। कोरिया में अपनी पैतृक कंपनी मिरे एसेट पार्क हेयोन जू फाउंडेशन के उद्देश्‍यों के अनुरूप भारत में यह स्‍कूलों, कॉलेज, सरकारी एजेंसियों, सामाजिक संगठनों और अन्‍य इकाइयों जैसे संस्‍थागत भागीदारों के साथ मिलकर शैक्षणिक पहलों पर काम करने के लिए सभी स्‍तर की शिक्षा के छात्रों को स्‍कॉलरशिप उपलब्‍ध कराने से लेकर अन्‍य काम करता है।  

श्री रितेश पटेल, डायरेक्‍टर, मिरे एसेट फाउंडेशन ने कहा, “एक बड़े काम के लिए यह एक छोटा सा योगदान है, लेकिन हमारा मानना है कि इस कठिन समय में प्रत्‍येक छोटा सा कदम भी एक लंबा रास्‍ता तय कर सकता है। हाफकिन इंस्‍टीट्यूट और सीएसटीएम हॉस्पिटल, कलवा दोनों अपने-अपने क्षेत्रों में कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं। हमें पूरा भरोसा है कि यह अत्‍याधुनिक टेस्टिंग मशीनें इन्‍हें महामारी के साथ ही साथ अन्‍य संक्रामक बीमारियों के खिलाफ इनकी जंग में मदद करेंगी।”

हाफकिन के डायरेक्‍टर और सीएसएमएच, कलवा के डीन अपने कर्मचारियों को सुरक्षित रखते हुए अपनी टेस्टिंग, प्रक्रिया एवं रिपोर्ट क्षमता को बढ़ाने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। यह निर्णय डा. प्रिया अब्राहम, डायरेक्‍टर, नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के इनपुट पर आधारित है, जिन्‍होंने संक्रमण को फैलने से रोकने की रणनीति के तौर पर टेस्टिंग और निदान को बढ़ाने का सुझाव दिया था। हाफकिन इंस्‍टीट्यूट में, निर्वतमान डायरेक्‍टर डा. राजेश देशमुख, आईएएस और वर्तमान डायरेक्‍टर श्रीमती शैला ए, आईएस के साथ ही साथ डायरेक्‍टर-इन-चार्ज सुश्री सीमा व्‍यास, आईएएस, सभी ने अपना सहयोग दिया। थाणे म्‍यूनिसिपल कॉरपोरेशन के कमिश्‍नर डा. विपिन शर्मा, आईएएस ने भी मिरे एसेट फाउंडेशन द्वारा कोविड-19 हेल्‍थ सिस्‍टम को मजबूत बनाने के प्रयास में भरूपर मदद प्रदान की।

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