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पर्सनल लोन लेते वक़्त इन बातो का रक्खे ध्यान लोन को लेने और वापिस करने मे होगी आसानी

जरुरत के समय पैसे की कमी होने के समय पर्सनल लोन एक बढ़िया विकल्प होता है पर्सनल लोन के जरिये आदमी अपने आपात कॅश की जरुरत को पूरा कर सकता है। कोरोना महामारी के कारन लोगो को लोन की जरुरत ज्यादा पड़ने लगी है। देखा जाए तो इस ऑनलाइन तकनीक के ज़माने मे लोन लेना काफी आसान हो चूका है। 



    सही पर्सनल लोन ऑफर चुनना होता है जरुरी ?(Why Its Important To Choose Right Personal Loan)

    • वैसे आम तौर पर अगर आप लोन ले बिना आपकी कॅश की जरुरत पूरी कर सकते है तो लोन लेना गलत है। 
    • लेकिन अगर आपके पास लोन लेने के बजाये कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता है तो लोन लेने के विकल्प को लिया जा सकता है। 
    • लोन लेते वक़्त आपको उसपर प्रोसेसिंग शुल्क और ब्याज देना होता है जिससे लोन लेना आसान होता है लेकिन वापिस करना काफी कठिन। 
    • इसी के कारन लोन लेते समय आपके जरुरत के हिसाब से सही ऑफर और लोन की राशि चुनना काफी जरुरी होता है। 
    • बैंक समेत सभी फाइनेंसियल इंस्टुटीशन आपको लोन के लिए अच्छे ब्याजदर के साथ लोन की ऑफर देते है। 
    • इसी समय सही ब्याजदर के साथ सही लोन ऑफर चुनना जरुरी है जिससे आपको लोन की राशि वापिस करने मे आसानी होगी। 

    लोन को चुनते वक़्त इन बातो को रखी ध्यान :(Points To Remember Before Taking Loan)

    लोन के ऑफर्स :(Loan Festive Offers)

    • त्योहारों के समय बैंक या फिर फाइनेंसियल सस्थान लोन ऑफर्स को देती है। 
    • इन लोन ऑफर्स के लोन लेने से आपको कम ब्याजदर मे लोन मिल जाता है। 
    • इसलिए त्योहारों के समय ऑफर को चुनना ज्यादा फायदेमंद होता है। 

    लोन का प्रोसेसिंग शुल्क :(Processing Charges)

    • जब आप किसी लोन की ऑफर को चुनते है तब आपको उसपर लगने वाले प्रक्रिया शुल्क की जानकारी दी जाती है जो की लोन की राशि के 3 फीसदी तक होता है। 
    • ये शुल्क आपको एक ही बार देना पड़ता है कई बार बैंक ऐसे ऑफर भी देती है जिसमे प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाता है। 
    • ऐसे मे आपको ये देखना चाहिए की चुने हुए ऑफर पर कितना प्रोसेसिंग शुल्क है। 
    • प्रोसेसिंग शुल्क के आलावा कई छुपे शुल्क भी होते है जैसे फोरक्लोज़र शुल्क ,डॉक्युमेंटेशन शुल्क इसकी भी जानकारी देखनी जरुरी है। 

    आपका क्रेडिट स्कोर :(CIBIL Score)

    • लोन को देने से पहले सभी बैंक ,वित्तीय सस्थान आपके क्रेडिट स्कोर को चेक करती है। 
    • ऐसे मे लोन के लिए आवेदन करने के पहले ही आप इस स्कोर को चेक करके आपके क्रेडिट रेटिंग को जाँच लेना चाहिए। 
    • बैंक आपके क्रेडिट रेटिंग को देखकर आपको लोन ऑफर देती है जिसमे लोन की राशि और ब्याजदर कम या फिर ज्यादा हो सकता है। 

    ब्याजदर :(Intrest Rates)

    • लोन लेने के पहले आपको सबसे जरुरी बात लोन का ब्याजदर देखना चाहिए। 
    • अगर किसी ऑफर मे आपको लोन ब्याजदर काफी कम दीखता है तो ऐसे ऑफर को चुनना चाहिए। 
    • क्यों की इससे आप कम ब्याजदर पर लोन लेकर आपके पैसे को बचा सकते है। 
    • बैंक आपको ब्याजदर मे एक फिक्स्ड और फ्लोटिंग ब्याजदर का विकल्प भी देती है। 
    • आप आपके लोन के रीपेमेंट के समय के हिसाब से इसे चुन सकते है। 

    लोन रीपेमेंट समय :(Loan Repayment Tenure)

    • आपने जिस ऑफर को चुना है उसमे आपको लोन को वापिस करने के लिए कितना समय दिया है इसे भी चेक करना जरुरी है। 
    • लोन को वापिस करने के समय आप आपके लोन की राशि के आधार पर चुन सकते है यह समय 1 से 5 साल तक का हो सकता है। 

    लोन अप्रूवल का समय :(Loan Approval Time)

    • जब आपको लोन की तुरंत जरुरत होती है ऐसे समय लोन का अप्रूवल मिलना जरुरी होता है। 
    • इसी के कारन आपको ऐसी ऑफर भी देखनी चाहिए जिसमे इंस्टैंट लोन अप्रूवल मिलता हो.

    EMI बाउंस होने पर लगने वाला शुल्क :(EMI Bounce and Hidden Charges)

    • अगर आप आपके लोन के EMI को सही समय पर वापिस नहीं कर पाते है तो आपको EMI बाउंस शुल्क देना पड़ता है। 
    • आप लोन की ऑफर लेते समय ये देख सकते है की कौनसी लोन ऑफर मे EMI बाउंस शुल्क कम है। 

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