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फिनटेक ऋणदाता नीरा ने दूसरी लहर मे महाराष्ट्रा से संपर्क रहित और तत्काल पर्सनल लोन के लिए मजबूत मांग देखी

 बेंगलुरु स्थित फिनटेक ऋणदाता नीरा ने आज घोषणा की है कि उसने दूसरी लहर के दौरान महाराष्ट्रा से अपने ऋण प्रस्तावों के लिए स्थिर प्रतिक्रिया देखी है, जिसमें संग्रह 94.5% सबसे कम है, जो पिछले साल पहली लहर में राष्ट्रीय लॉकडाउन के बीच 75% के निचले स्तर पर थी। जुलाई के महीने में संग्रह चुकौती तिथि के 30 दिनों के भीतर देय राशि के लगभग 97% के पूर्व-कोविड स्तरों पर आने की उम्मीद है। यह अर्थव्यवस्था के सामान्य होने और लोगों के काम पर वापस जाने की वजह से है। लोगों का भरोसा वापस रहा है जिससे नीरा महाराष्ट्र के नागपुर, नाशिक और औरंगाबाद जैसे अन्य शहरों से मुख्य रूप से निम्न और मध्यम आय वाले समूहों से मांग में वृद्धि देख रहा है और निरा उसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।



 पारंपरिक मान्यता के विपरीत, सबसे कम आय वर्ग ( 11,000 रुपये से 15,000 रुपये प्रति माह) में उधारकर्ताओं ने अपने उच्च कमाई वाले समकक्षों की तुलना में कोई भी खराब प्रदर्शन नहीं किया। नीरा ने 50,000 प्रति माह रुपये से अधिक की कमाई करने वाले उधारकर्ताओं के बीच सबसे खराब प्रदर्शन देखा जिसकी वजह  प्रतिकूल परिस्थितियां है, जबकि कम आय वाले लोंगे में एक अच्छा क्रेडिट रिकॉर्ड बनाने की उत्सुकता थी।

 

नीरा को ब्ल्यू कॉलर और ग्रे-कॉलर (नई नौकरी और कम आय) वाले कर्मचारियों द्वारा पूरे दिल से अपनाया गया है, जिसके कारण वे आसानी से डिजिटल ऋणदाता से ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जो इस श्रेणी के लोगों की साख निर्धारित करने के लिए वैकल्पिक डेटा का उपयोग करता है और पारंपरिक मापदंडों पर निर्भर नहीं करता है। बैंक अक्सर क्रेडिट रिपोर्ट की कमी या भुगतान करने में कथित अक्षमता के कारण उनके ऋण आवेदनों को अस्वीकार कर देते हैं। जबकि दूसरी ओर नीरा, एक नए जमाने का फिनटेक ऋणदाता, नकदी प्रवाह स्थिरता और भुगतान करने की इच्छा को अधिक महत्व देता है और  अपने ग्राहक से अन्य तरीकों के माध्यम से डेटा प्राप्त करता है।

 

नीरा से ऋण प्राप्त करने के अपने अनुभव को साझा करते हुए नासिक से  एक कार्डबोर्ड निर्माण करनेवाली कंपनी में 23 वर्षीय कनिष्ठ  प्रबंधक अवनीत सिंह ने कहा , मेरे भाई की एक छोटी सी मोबाइल फोन की दुकान थी और उसे महामारी के दौरान भारी नुकसान हुआ था। हमारी सारी बचत देय राशि किश्तों के भुगतान में खर्च हो गई। मेरे पास इतना पैसा नहीं था कि हम अपने दैनिक खर्चे चला सकें और जब हमारे मकान मालिक ने फोन किया तो हम डर जाते थे। लेकिन सौभाग्य से मुझे उस समय नीरा से तत्काल ऋण मिला गया। उनकी पन्द्रह हजार रुपये की सहायता बहुत मूल्यवान थी। जब तक मुझे अगली तनख्वाह नहीं मिली, उन्होंने मुझे पूरा एक महीना निकालने में मदद की।

 

अपने ग्राहकों के इन अनुभवों पर टिप्पणी करते हुए, ‘नीरा, के सीईओ और सह-संस्थापक रोहित सेन ने कहा, “भारत नेनीरा, में अपना भरोसा रखा है और जरूरत के समय हमें अपने पसंदीदा वित्तीय भागीदार के रूप में चुना है।नीरा, इस भरोसे का सम्मान करता है और काम करने वाले भारतीयों को उनकी वित्तीय जरूरतों को प्रबंधित करने और संकटों से निपटने में मदद करने के लिए कर्ज तक पहुंच बढ़ाने के लिए काम करना जारी रखेगा। राज्यों के धीरे-धीरे खुलने और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ, क्रेडिट प्रदर्शन भी सामान्य होने के लिए तैयार है

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