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पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड ने 'पीजीआईएम इंडिया स्मॉल कैप फंड' लॉन्च किया

एनएफओ 9 जुलाई 2021 को खुलेगा और 23 जुलाई 2021 को बंद होगा

     मुख्य विशेषताएं:

·        टॉप-डाउन और बॉटम-अप निवेश दृष्टिकोण का मिश्रण

·        फंड अपने कोष का न्यूनतम 65% स्मॉल कैप शेयरों में आवंटित करेगा




पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड ने पीजीआईएम इंडिया स्मॉल कैप फंड लॉन्च करने की घोषणा की है। एनएफओ  सब्सक्रिप्शन के लिए 9 जुलाई, 2021 को खुलेगा और 23 जुलाई, 2021 को बंद होगा। फंड का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी स्मॉल कैप 100 टोटल रिटर्न इंडेक्स है। योजना का उद्देश्य मुख्य रूप से स्मॉल कैप कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश के जरिये लाभ के रूप में दीर्घकालिक पूंजी निर्माण करना है। फंड अपने कोष का न्यूनतम 65% स्मॉल कैप कंपनियों में निवेश करेगा और पोर्टफोलियो को आकर्षक बनाने के लिए अन्य इक्विटी और इक्विटी से संबंधित उत्पादों की तेजी का फायदा उठाने की कोशिश करेगा। फंड का प्रबंधन श्री अनिरुद्ध नाहा (इक्विटी निवेश के लिए), श्री कुमारेश रामकृष्णन (डेट और मनी मार्केट निवेश के लिए) और श्री रवि अदुकिया (विदेशी निवेश के लिए) द्वारा किया जाएगा।

  स्मॉल कैप में निवेश करने से लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण और मोटा रिटर्न प्राप्त करने की अच्छी क्षमता होती है। अर्थव्यवस्था पटरी पर रही है और मांग बढ़ रही है जिससे सहित सभी क्षेत्रों में पूर्ण मूल्य श्रृंखला का लाभ मिलेगा जिसमें स्मॉल कैप कंपनियां भी शामिल हैं। आर्थिक आंकड़ों में सुधार के साथ-साथ स्मॉल कैप कंपनियों के कॉरपोरेट मुनाफे में सुधार की उम्मीद है।

   श्री अजीत मेनन, सीईओ, पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल ने कहाहम मानते हैं कि स्मॉल-कैप सेगमेंट में सूचीबद्ध कंपनियों को   विकास का सबसे अधिक लाभ होगा। कॉर्पोरेट आय में महत्वपूर्ण सुधार, कई क्षेत्रों के साथ मिलकर सरकार द्वारा पीएलआई योजनाओं के माध्यम से विनिर्माण को बढ़ावा देने की कोशिश, कम कराधान, और विभिन्न रियायतें जैसी पहल का आने वाले महीनों में अपेक्षित असर होगा जिसका लाभ स्मॉल-कैप को मिलेगा। उद्योग समेकन उन क्षेत्रों में अधिक स्पष्ट है जहां स्मॉल कैप संचालित होते हैं क्योंकि अधिकांश स्मॉल-कैप कंपनियां असंगठित कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती हैं। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए, हमने पीजीआईएम इंडिया स्मॉल कैप फंड लॉन्च किया है। इसका मकसद निवेशकों को कंस्ट्रक्शन, टेक्सटाइल्स, रियल एस्टेट, केमिकल्स और एग्रोकेमिकल्स, इंडस्ट्रियल्स, पेपर जैसी कारोबार की श्रेणी में निवेश का मौका देकर इस क्षेत्र की वृद्धि का लाभ देना लार्ज-कैप में निवेश को सीमित करना है

श्री अनिरुद्ध नाहा, सीनियर फंड मैनेजर-इक्विटी और पीजीआईएम इंडिया स्मॉल कैप फंड के फंड मैनेजर ने कहा अच्छी गुणवत्ता वाले स्मॉल कैप जो कमाई और उचित मूल्यांकन द्वारा समर्थित हैं वह लंबी अवधि में सबसे अच्छा रिटर्न देने में सक्षम हैं। वे आय वृद्धि के दोनों चरणों और पीई पुनर्मूल्यांकन के लाभ से जुड़े होते हैं, जो उन्हें स्मॉल कैप से मिडकैप और अंततः लार्ज कैप में पारंगत होने में मदद करता है।

पीजीआईएम इंडिया स्मॉल कैप फंड विशेषताएं:

परिसंपत्ति आवंटन

साधन

साधन

सांकितक वितरण

(कुल परिसंपत्ति % में)

Risk Profile

न्यूनतम

अधकतम

उच्च/मध्यम/निम्न

स्मॉल कैप कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी संबंधित

65%

100%

मध्यम से उच्च

अन्य कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी संबंधित

0%

35%

मध्यम से उच्च

डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स (नकद और नकद समकक्ष सहित), म्यूचुअल फंड की लिक्विड और डेट स्कीम 

0%

35%

निम्न से मध्यम

इनविट और आरईआईटीएस द्वारा जारी यूनिट

0%

10%

मध्यम से उच्च

 

संपत्ति आवंटन के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया www.pgimindiamf.com पर योजना के योजना सूचना दस्तावेज देखें।

निकासी शुल्क:

·         आवंटन की तारीख से 90 दिनों के भीतर आवंटित इकाइयों में से 10% को बिना किसी निकास भार (एक्जिट लोड) के ऋण योजनाओं / पीजीआईएम इंडिया आर्बिट्रेज फंड में भुनाया/ स्विच-आउट किया जा सकता है;

·         उपरोक्त सीमा से अधिक कोई भी निकासी/स्विच-आउट 0.50% के निकासी शुल्क के अधीन होगा, यदि यूनिटों को आवंटन की तारीख से 90 दिनों के भीतर ऋण योजनाओं/पीजीआईएम इंडिया आर्बिट्रेज फंड में रिडीम/स्विच-आउट किया जाता है ;

·         यदि यूनिटों के आवंटन की तारीख से 90 दिनों के बाद यूनिटों को रिडीम/स्विच-आउट किया जाता है तो निकासी शुल्क शून्य होगा;

  योजनाएं और विकल्प: नियमित योजना (रेगुलर प्लान) और डायरेक्ट प्लान ग्रोथ।,आय वितरण सह पूंजी निकासी सुविधा भुगतान (आईडीसीडब्ल्यू-पेआउट) और आय वितरण सह पूंजी निकासी सुविधा (आईडीसीडब्ल्यू- पुनर्निवेश) का पुनर्निवेश।

 निवेश की न्यूनतम राशि: शुरुआती न्यूनतम निवेश 5,000 रुपये और उसके बाद 1/- रुपये के गुणकों में।

 अतिरिक्त खरीद - न्यूनतम 1,000 रुपये और उसके बाद 1 रुपये के गुणकों में

  सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी): 1,000 रुपये की न्यूनतम 5 किस्तें और उसके बाद मासिक और त्रैमासिक एसआईपी के लिए  1 रुपये के गुणकों में।

  मासिक और त्रैमासिक एसआईपी के लिए न्यूनतम एसआईपी टॉप अप राशि 100 रुपये  और 1 रुपये के गुणकों में।

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